What is Acid Base and Salt

Definition of acid( अम्ल की परिभाषा) :

अम्ल एक रासायनिक यौगिक है जोकि जल में घोलकर H+ आयन देता है इस का pH मान 7 से कम होता है

What is acid (अम्ल क्या है)

Chemical property of acids
  • ये स्वाद में खट्टे होते हैं।
  • ये नीले लिय्मस को लाल में बदल देते हैं।
  • ये जलीय विलयन में H+ आयन देते हैं।
  • Acid शब्द लैटिन भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है खट्टा होता है
  • Types of acid (अम्ल के प्रकार)

    अम्ल सामान्यता चार प्रकार के होते हैं
    1 प्रबल अम्ल : HCL ,H2So4, HNo3
    2 दुर्बल अम्ल :CH3COOH , लैक्टिक अम्ल, ऑक्सैलिक अम्ल
    3 सान्द्र अम्ल : जिसमें अम्ल अधिक मात्रा में होता है, जबकि जल अल्प मात्रा में होता है।
    4 तनु अम्ल : जिसमें अम्ल अल्प मात्रा में होता है, जबकि जल अधिक मात्रा में होता है।

    Definition of acid (क्षार की परिभाषा)

    क्षार एक रासायनिक यौगिक है जो कि जल में घोलकर OH- आयन देता है इसका pH 7 से अधिक होता है क्षार कहलाता है

    Chemical property of base (क्षार के गुण)

    • क्षार स्वाद में कड़वे वा तीखे होते हैं
    • क्षार लाल लिटमस पेपर को नीले रंग में बदल देते हैं
    • क्षार जलीय विलियन में OH- आयन देते हैं


    Definition of indicators (सूचक की परिभाषा)

    सूचक वे पदार्थ होते हैं जो किसी दिए गए विलयन में अम्ल वा क्षार की उपस्थिति को दर्शाते हैं तथा उनका रंग या गंध अम्लीय वा क्षारक माध्यम में बदल जाता है सूचक कहलाते हैं

    Types of indicators (सूचक के प्रकार)

    सूचक सामान्यता तीन प्रकार के होते हैं

    1. प्राकृतिक सूचक
    2. कृतिम सूचक
    3. गंदीय सूचक

    प्राकृतिक सूचक : प्राकृतिक सूचक पौधों में पाए जाते हैं जैसे कि लिटमस लाल पत्ता गोभी हल्दी आदि

    कृतिम सूचक :कृतिम सूचक मानव द्वारा निर्मित सूचक होते हैं जो कि रासायनिक अभिक्रिया के द्वारा बनाए जाते हैं जैसे कि मेथिल ऑरेंज

    गंदीय सूचक :वे पदार्थ जिनकी गंद अम्लीय क्षारक माध्यम में बदल जाती है गंदीय सूचक कहलाते हैं जैसे कि प्याज लोंग तेल आदि


    उदासीनीकरण अभिक्रिया

    जब हम किसी अम्ल और किसी क्षार के बीच रासायनिक अभिक्रिया करते हैं तो इस अभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं इस अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा निरमुक्त होती है और लवण , जल बनते हैं

    Example of उदासीनीकरण अभिक्रिया
    NaOH (Base)  +   HCl (Acid)       NaCl (Salt)  +  H2o (Aqua)

    अम्लीय वर्षा क्या है

    वर्षा के जल में अम्ल की मात्रा जब अधिक हो जाती है तो इसे अमलीय वर्षा कहते हैं वर्षा जल इसलिए अमलीय हो जाता है क्योंकि वायुमंडल में प्रदूषण के कारण उपस्थित है कार्बन डाइऑक्साइड (Co2) सल्फर डाइऑक्साइड (So2) नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (No2) जैसी गैस के उपस्थित होने के कारण यह कार्बनिक अम्ल सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल आदि का निर्माण करते हैं जिसके कारण वर्षा जल अम्लीय हो जाता है यह ऐतिहासिक इमारतों भवन एवं पौधों आदि को हानि पहुंचाती है