जीवन की मौलिक इकाई

अध्याय 5 जीवन की मौलिक इकाई (The fundamental unit of life)

कोशिका क्या है

सर्वप्रथम रॉबर्ट हुक ने स्वनिर्मित सुच्मदर्शी की सहायता से कार्क की पतली काट के बारे में अध्ययन किया और पाया कि इसमें अनेक छोटे-छोटे प्रकोष्ठ हैं जिसकी संरचना मधुमक्खी के छत्ते जैसी होती है कार्क एक पदार्थ है जो वृक्ष की छाल से प्राप्त होता है इन प्रकोष्ठकों को कोशिका कहा गया कोशिका लैटिन शब्द है जिसका अर्थ छोटा कमरा होता है
शरीर की रचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई को कोशिका कहते हैं कोशिका जीवन की मूलभूत संरचनात्मक इकाई है

कोशिकाएं -> उत्तक -> अंग -> शारीरिक तंत्र -> शरीर

एककोशिकीय जीव क्या है

वह जीव जो एक ही कोशिका के बने होते हैं और स्वयं में एक संपूर्ण जीव होते हैं एक कोशिकीय जीव कहलाते हैं
उदाहरण : पैरामीशियम , बैक्टीरिया (जीवाणु) , अमीबा


बैक्टीरिया (जीवाणु)


बहुकोशिकीय जीव क्या है

वह जीव जंतु जिनमें अन्य कोशिकाएं मिलकर विभिन्न कार्यों को संपन्न करती हैं और विभिन्न अंगों का निर्माण करती हैं बहुकोशिकीय जीव कहलाते हैं

उदाहरण : मनुष्य गाय कुत्ता मछली कीट आदि

फंजाई (कवक)


कोशिका किस से बनी होती है ? और कोशिका का संरचनात्मक संगठन क्या होता है ?

हम जानते हैं कि कोशिका में विशिष्ट घटक होते हैं जिन्हें कोशिकांग कहते हैं यदि हम कोशिका का अध्ययन सुच्मदर्शी से करें तो हमें लगभग प्रत्येक कोशिकाओं में 3 गुण दिखाई देते हैं प्लाज्मा झिल्ली केंद्रक तथा कोशिका द्रव्य कोशिका के अंदर होने वाली समस्त क्रियाकलाप तथा उसकी बाह्रा पर्यावरण से पारस्परिक क्रियाएं इन्हीं तीनों गुणों पर निर्भर करती हैं


प्लैज्मा झिल्ली अथवा कोशिका झिल्ली

प्लैज्मा झिल्ली कोशिका की सबसे बाहरी परत होती है जो कोशिका के घटकों को बाहरी पर्यावरण से अलग करती है प्लाज्मा झिल्ली कुछ पदार्थों को अंदर अथवा बाहर आने जाने देती है यह अन्य पदार्थों की गति को भी रोती है कोशिका झिल्ली को इसलिए वर्णनात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं


कोशिका में पदार्थों की गति कैसे होती है ? पदार्थ कोशिका से कैसे बाहर आते हैं ?

कार्बन डाइऑक्साइड (Co2) अथवा ऑक्सीजन (O2) कोशिका झिल्ली के आर पार विसरण प्रक्रिया द्वारा आ जा सकते हैं
पदार्थों की गति उच्च सांद्रता से मिलने सांद्रता की ओर होती है

CO2 तथा पानी जैसे पदार्थ कोशिका से कैसे अंदर तथा बाहर जाते हैं इस पर चर्चा करें

जब कुछ पदार्थ जैसे Co2 जो एक कोशिका अपशिष्ट है और जिसका निष्कासन आवश्यक होता है कोशिका में एकत्र हो जाता है तो उसकी सांद्रता बढ़ जाती है जिसके कारण कोशिका के बाहर पर्यावरण में Co2 की सांद्रता कोशिका में स्थित Co2 की सांद्रता की अपेक्षा कम हो जाती है जैसे ही उसके अंदर और बाहर CO2 की सांद्रता में अंतर आता है उसी समय उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर विसरण द्वारा कोशिका से Co2 बाहर निकल जाती है

जल भी विसरण के नियमों के अनुकूल व्यवहार करता है जल के अणुओं की गति जब वर्णनात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा हो तो उसे परासरण कहते हैं इसी प्रकार परासरण में जल के अणु वर्णनात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा उच्च जल की सांद्रता से निम्न जल की सांद्रता की ओर जाते हैं


कोशिका भित्ति

पादप कोशिका में प्लैज्मा झिल्ली के अतिरिक्त कोशिका भित्ति भी होती है पादप कोशिका भित्ति मुख्यता सेल्युलोज की बनी होती है सेल्युलोज एक बहुत जटिल पदार्थ है और यह पौधों को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है


जीवद्रव कुंचन किसे कहते हैं ?

जब किसी पादप कोशिका में परासरण द्वारा पानी की कमी होती है तो कोशिका झिल्ली सहित आंतरिक पदार्थ संकुचित हो जाते हैं इस घटना को जीवद्रव कुंचन कहते हैं

केंद्रक क्या है

कोशिका में केंद्रक एक झिल्ली के चारों तरफ फैली हुई संरचना है केंद्रक में क्रोमोसोम होते हैं क्रोमोसोम में अनुवांशिक गुणों की सूचना होती है केंद्रक के चारों ओर दोहरे परत का एक स्तर होता है जिसे केंद्रक झिल्ली कहते हैं केंद्रक झिल्ली में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं इन छिद्रों के द्वारा केंद्रक के अंदर का कोशिकाद्रव केंद्रक के बाहर जाता है

कोशिका द्रव

प्लैज्मा झिल्ली के अंदर कोशिका द्रव्य एक तरल पदार्थ हैं इसमें बहुत से विशिष्ट कोशिका के घटक होते हैं जिन्हें कोशिका का अंगक कहते हैं